Fugitive Economic Offenders Bill 2018. भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल 2018 के प्रमुख बिन्दु.

Fugitive Offenders Bill 2018. भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल 2018 के महत्वपूर्ण बिन्दु, जरुर जाने

१- अपराध कर के विदेश भागने वालों को अदालत में दोषी ठहराए बिना भी उनकी संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है।

२- ये बिल उन आर्थिक अपराधियों पर लागू होंगे जो विदेश भाग गए और भारत लौटने से इनकार करते हैं।

३- यह प्रावधान 100 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि अथवा बैंक कर्ज की वापसी नहीं करने वालों, जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले कर्जदारों और जिनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है उन पर लागू होगा।

४-विधेयक में यह भी प्रावधान है कि ऐसे भगोड़े आर्थिक अपराधी की संपत्ति को उसके दोषी ठहराये जाने से पहले ही जब्त किया जा सकेगा और उसे बेचकर कर्ज देने वाले बैंक का कर्ज चुकाया जाएगा।

५- आर्थिक अपराधियों के मामले की सुनवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत होगी।

६- इसमें विदेशों में मौजूद संपत्ति को जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है हालांकि इसके लिए संबंधित देश के सहयोग की भी जरूरत होगी।

 

वित्त मंत्री वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि इसमें विदेशों में मौजूद संपत्ति को जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है हालांकि इसके लिए संबंधित देश के सहयोग की भी जरूरत होगी। इसके अलावा कैबिनेट ने नैशनल फाइनैंशल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) के गठन को भी मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री ने बताया कि NFRA इंडिपेंडेंट रेग्युलेटर के रूप में काम करेगा।

जेटली ने कहा कि सेक्शन 132 के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और उनके फर्म की जांच को लेकर NFRA का कार्यक्षेत्र सूचीबद्ध और बड़ी गैर-सूचीबद्ध कंपनियों पर लागू होगा।

 

जीतेन्द्र कुमार शर्मा

(कॉमर्स गुरूजी)

 

 

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